Internet Kaise Chalta Hai? How Internet Works in Hindi

Internet Kaise Chalta Hai? इंटरनेट क्या है? और How Internet Works in Hindi :- क्या आपने कभी सोचा है की इंटरनेट कैसे काम करता है, इंटरनेट कैसे चलता है? शायद कोई सेटेलाइट से या WiFi टावर से या और कुछ।

आज का युग इंटरनेट का युग है। बिना इंटरनेट के बिना रहना हम सोच भी नहीं सकते। बिना इंटरनेट सायद पूरी दुनिया ही कुछ समय के लिए रुक सी जाये।

चलिए आज हम आप सबको बताते है की इंटरनेट कैसे चलता है? How Internet Works in Hindi.

Internet kaise chalta hai

internet kaise chalta hai

आज के टाइम में हम 3 घंटे बिना पानी के भी रह सकते है लेकिन 30 मिनट बिना इंटरनट के रहना बहुत मुश्किल है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की ये internet आखिर काम कैसे करता है? (How Internet Works) कैसे कभी किसी को ज्यादा speed मिलती है, किसी को कम?

क्यों अलग-अलग operator (Jio , Airtel, Vodafone, Idea) अलग-अलग tarrif plan देते है ? यार ये internet का मालिक कौन है ? internet मेरे या मेरे घर तक पहुँचता कैसे है ?

Free Internet ( फ्री इंटरनेट )

आपको जानकर आश्चर्य होगा की इंटरनेट फ्री होता है। जो की cables के माध्यम से हम तक पहुँचता है।

इंटरनेट एक दुसरे से जुड़े कई कंप्यूटरों का जाल है जो राउटर एवं सर्वर (ज्यादातर cables ) के माध्यम से दुनिया के किसी भी कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है

How Internet Works in Hindi? इंटरनेट कैसे काम करता है ?

इंडिया को मिलाकर के पुरा विश्व, इंटरनेट से कनेक्टेड है। लेकिन कभी आपने यह नहीं सोचा होगा की यह इंटरनेट कैसे काम करता है।

शायद आपको लगता होगा की सेटेलाईट से चलता होगा या आपको लगता होगा की ये नेटवर्क बिछा के रखा होगा पुरे विश्व में।

पर आपको यह नहीं पता होगा की 99% internet जो है वो चलता है Optic-fiber cable से चलता है।

fiberoptic cable - HindiSol.com
fiberoptic cable – HindiSol.com

अब आप सोच रहे होंगे की मेरा जो Mobile है वो तो किसी cable से जुड़ा हुआ नहीं है। फिर कैसे चल रहा है इसमें ?

तो देखो, जिस भी टावर से आपको network आता है वो टॉवर से cable बिछी हुई है।

मैं आपको सीधी सी आसान भाषा में बताता हु:-

हम तक पहुँचने में इंटरनेट को 3 तरह की कम्पनीयो से गुज़ारना पड़ता है:

टियर-1″(Tier 1)

दोस्तों ये वो कंपनी है जिन्होंने समुन्द्र के अंदर cables बिछा के रखी है। So Guys इस तरह की जो cables है वो पुरे समुन्द्र में पूरी दुनिया में बिछी हुई है इस तरह की cables पहले बिछाई जाती है सारी countries को connect करने के लिए और इन cables को Optic Fiber cable या submarine cable कहते है .

ये cables बाल के साइज की रहती है और हर cable में 100GBps की स्पीड रहती है।

इंडिया की बात करे तो Tata Communication है जो इंडिया में tier -1 कंपनी है. अगर आपको ये केबल्स देखनी है तो में एक वेबसाइट (www.submarinecablemap.com) बताता हूँ जहां से आप देख सकते है की किस तरह से पुरे world में ये cables बिछी हुई है.

इन cables के कुछ landing points होते है जो हर country तक जाते है।

हमारा data उन landing points से होते हुए निकलेगा और वहा उस सर्वर तक जायेगा जहा वो है।

India से सबसे ज्यादा जो ट्रैफिक जाता है वो मुंबई से। कुछ और भी landing pointsहै : जो है Chennai, Cochin, Tuticorine, Trivendrum.

आपके टेलीकॉम ऑपरेटर्स ( Jio, Airtel, Idea,Vodafone etc.) ये डाटा को इन्ही landing points से निकलते है।

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Reliance Jio फ्री नेट कैसे दिया था ?

जी हां, इसका जबाब भी यही से आपको मिल जायेगा।

Reliance Jio ने अपनी submarine cable पहले से ही बिच रखी है एशिया, अफ्रीका, यूरोप के बिच। जिसमे की इनको 40 terabits की capacity मिल गयी है और अगर आप इन एशिया अफ्रीका यूरोप के सर्वर में आप visit करते है तो वो इन्ही cables से निकल देते है.


जैसा की मेने आपको बताया था की इंटरनेट फ्री है बस Cost आती है तो इन्ही submarine cables को बिछाने की, जो की Jio ने पहले ही investmentकर दिया था तो इसलिए Jio फ्री इंटरनेट उपलब्ध करवा पाया था।

नेट फ्री है तो पैसे क्यों लगते है:-

Internet तो फ्री है जो की सबमरीन cables से होते हुए आता है।

अब होता क्या है की ये cables टूटती फूटती है क्यूंकि समुन्द्र के अंदर है और 25 साल से ज्यादा इनकी लाइफ नहीं होती है।

तो इन cables को repair करने एवं इनका मेंटेनेंस के पैसे लिए जाते है.

एक बार ऐसा हादसा 13जनवरी 2008 को Egypt में हुआ था जिसके कारण वहाँ का 80% इंटरनेट बंद हो गया था।

इन cables के टूटने पर बहुत सारी cables बैकअप में रखते है ताकी इंटरनेट न रुके।

टियर-2 (Tier 2)

दोस्तों ये कम्पनियाँ tier-1 कंपनियों से इंटरनेट लेती है और उन्हें भुगतान करती है. ये इंडिया से डायरेक्ट लेती है और यूजर को net देती है।

ये यूजर से पैसे लेती है और प्रति GB के हिसाब से टीयर-1 कंपनियों को भुगतान करती है

“टियर-3″(Tier 3)

ये बिलकुल लोकल में चलने वाली कम्पनियाँ है। ये कम्पनियां Tier-2 कंपनियों से लेती है और उन्हें भुगतान करती है। कुछ कम्पनियाँ है जैसे Tikona, Hathway etc.

देखिये सीधी सी बात की जाये तो पूरा इंटरनेट फ्री है।

बस cost आती है तो वो इन सबमरीन केबल्स के मेंटेनेंस की. ये जो आपके टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Jio, Airtel, Idea,Vodafone etc.) है।

वो यह इंटरनेट आपतक लाते है और इसको लाने के लिए cables बिछाते है और टॉवर्स लगाते है।

इन सब की cost आती है जो की वो यूजर से इंटरनेट प्लान के रूप में लेते है।

इंटरनेट स्पीड – Internet Speed

ऊपर आपने जाना की Internet kaise chalta hai अब ये समझे की इंटरनेट स्पीड कैसे काम करती है।

मान लीजिये आपके एरिया में एक Jio का टॉवर है जिसकी bandwidth 100MBps है।

और आपके एरिया में जितने भी Jio के users है वो सब उसी Tower से connected होंगे तो जो वो 100MBps की स्पीड है वो उन सब users में बँट जाएगी। इसलिए आपको देखने को मिलता है की सुबह जल्दी या फिर रात में आपके इंटरनेट की स्पीड तेज़ आती है क्योकि उस टाइम कम लोग इंटरनेट use कर रहे होते है।

Conclusion :

आज हमने बात की Internet Kaise Chalta Hai? How Internet Works in Hindi के बारे में।

मुझे उम्मीद है की अब आपको सभी बाते समझ आ चुकी होंगी।

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अगर अभी भी कोई समस्या हो तो आप हमने कमेंट करके बता सकते है।

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